हरिद्वार के नागरिकों को मूल निवास प्रमाण पत्र नहीं दे रही

लक्सर स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने सरकार पर हरिद्वार जिले के नागरिकों को मूल निवास प्रमाण पत्र से वंचित करने का आरोप लगाया। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जनपद के बड़ी संख्या में लोग वर्षों से दस्तावेजों के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन संबंधित विभागों में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

आनंद ने कहा कि “क्या हरिद्वारवासी उत्तराखंड के नागरिक नहीं? सरकार की नीतियां स्पष्ट नहीं हैं, जिसके चलते हजारों लोग परेशानियों से जूझ रहे हैं।” उन्होंने कहा कि मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही दिक्कतें सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाती हैं।

पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि लक्सर क्षेत्र स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं के मामले में भी उपेक्षित है। उन्होंने कहा कि लाखों की आबादी वाले क्षेत्र में न मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई और न ही अस्पतालों का विस्तार। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर भी कोई ठोस योजना नहीं दिखाई देती।

प्रेस वार्ता के दौरान आनंद ने खानपुर विधानसभा के पूर्व और वर्तमान विधायकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “महंगी गाड़ियां, हेलीकॉप्टर और सेलिब्रिटीज़ के साथ फोटो खिंचवाने से जनता का विकास नहीं होता।” उन्होंने उन लोगों पर भी कटाक्ष किया जो अपने नाम के आगे ‘राजा’ लिखते हैं और कहा कि जमींदारी प्रथा समाप्त हो चुकी है, ऐसे तमगे जनता को भ्रमित करने का काम करते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन–चार वर्षों में क्षेत्रीय विधायक ने जनता की समस्याओं को संजीदगी से नहीं लिया और केवल वोट बैंक की राजनीति की। उन्होंने कहा कि लक्सर की अनदेखी ने इसे प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों की कतार में खड़ा कर दिया है, जहाँ आज भी टूटी सड़कों, जल निकासी की समस्या, कमजोर स्वास्थ्य ढांचा, सीमित शिक्षा संसाधन और रोजगार की कमी जैसी परेशानियां जस की तस बनी हुई हैं।

आनंद ने कहा कि मूल निवास प्रमाण पत्र न मिलने से लोग सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से वंचित रह रहे हैं। विभागीय उदासीनता के चलते नागरिकों को लंबे समय से परेशान होना पड़ रहा है।

अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो वे बड़ा जन आंदोलन छेड़ेंगे। उन्होंने कहा कि लक्सर और हरिद्वार के नागरिकों के हितों के लिए वे लगातार संघर्ष करते रहेंगे।इस विशेष मौके पर प्रेम सिंह सैनी, विनोद सैनी,आस मोहम्मद, आशु सैनी, डॉक्टर युसूफ, शाहिब, वासित आदि शामिल रहे।

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