मंगलौर/हरिद्वार। काजी निजामुद्दीन ने उत्तराखंड में हाल के दिनों में धर्म के आधार पर मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चाहे खेत में नमाज़ अदा कर रहे मुस्लिम व्यक्ति के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला हो या हरिद्वार में ट्रक चालक की पिटाई, ऐसी घटनाएं प्रदेश की सामाजिक समरसता और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।

विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और किसी भी व्यक्ति को अपने हाथ में कानून लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने इन घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहचान शांति, सद्भाव और कानून के राज से रही है, जिसे हर हाल में बनाए रखना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
काजी निजामुद्दीन ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में उत्तराखंड पुलिस के प्रमुख, पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर दोनों मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में कार्रवाई और पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म, समुदाय या वर्ग के व्यक्ति के साथ भेदभाव या हिंसा बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हो सकते हैं, जिससे प्रदेश की छवि प्रभावित होगी।
विधायक ने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे अफवाहों से बचें और आपसी भाईचारा बनाए रखें। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।