हरिद्वार ग्रामीण। टिहरी बांध विस्थापितों और वन गुज्जर परिवारों को भूमि का मालिकाना अधिकार न मिलने पर अनुपमा रावत ने प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने जिलाधिकारी हरिद्वार को पत्र भेजकर स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र ठोस निर्णय लागू नहीं हुआ तो वह 2 मार्च 2026 को डीएम कार्यालय के बाहर एक दिवसीय उपवास पर बैठेंगी।
विधायक ने बताया कि करीब 44–45 वर्ष पूर्व टिहरी बांध के निर्माण के दौरान विस्थापित परिवारों को पथरी क्षेत्र में बसाया गया था, लेकिन आज तक उन्हें जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि पथरी और गैण्डीखाता में बसे वन गुज्जर परिवारों की स्थिति भी इससे अलग नहीं है।
अनुपमा रावत ने कहा कि वर्ष 2016 में सरकार ने मालिकाना अधिकार देने का निर्णय लिया था, किंतु नौ वर्ष बाद भी वह निर्णय कागजों से आगे नहीं बढ़ पाया। 2022 से लगातार प्रयास और आश्वासन मिलने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
उन्होंने इसे मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए जिलाधिकारी से तत्काल प्रभाव से समाधान की पहल करने की मांग की। विधायक की चेतावनी के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।
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