फतवा गांव में जैविक एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला आयोजित,

लक्सर। लक्सर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम फतवा स्थित एक बैंक्वेट हॉल में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल “निशंक” मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक संजय गुप्ता और राज्य मंत्री ओम प्रकाश जमदग्नि समेत भाजपा के कई पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


कार्यशाला को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री निशंक ने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक और जैविक खेती की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से जहां भूमि की उर्वरा शक्ति लगातार कम हो रही है, वहीं मानव स्वास्थ्य पर भी इसके दुष्प्रभाव सामने आ रहे हैं। ऐसे में किसानों को टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल खेती की ओर बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जैविक खेती न केवल पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का भी एक प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने किसानों से खेती में प्राकृतिक संसाधनों के अधिक उपयोग और रासायनिक उत्पादों पर निर्भरता कम करने का आह्वान किया।


निशंक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्राकृतिक और जैविक कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे आधुनिक तकनीकों के साथ टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। उन्होंने किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की।


कार्यक्रम में भाजपा लक्सर किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष, ग्राम प्रधान अमित कुमार, सतीश कुमार, रणवीर सिंह, ऋषिपाल, सोनू कुमार, प्रवेश सैनी, मांगेराम सैनी, बाबूराम सैनी, रविंद्र सैनी, मुनेश सैनी, सतेंद्र सैनी, मगन सैनी और कमल सैनी सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ-साथ पारंपरिक और जैविक खेती को अपनाने की सलाह दी। पूर्व विधायक संजय गुप्ता ने केंद्र सरकार के विकास, विश्वास और जनकल्याण को समर्पित 12 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला देशभर में पार्टी द्वारा चलाए जा रहे जनजागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में प्रेरित करना और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक बनाना है।
कार्यक्रम के अंत में किसानों और बागवानों ने जैविक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए तथा कृषि विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। उपस्थित किसानों ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें खेती की नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है, जो कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक साबित हो सकती हैं।

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