लक्सर। लक्सर विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर में मोहर्रम का पर्व शनिवार को पूरी अकीदत, शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुआ। इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में निकाले गए ताजिया जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में धार्मिक आस्था का माहौल देखने को मिला। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।

सुबह से ही विभिन्न मोहल्लों और गांवों से ताजियों के जुलूस पारंपरिक मार्गों से निकाले गए। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने “या हुसैन” की सदाओं के बीच इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। जगह-जगह लोगों ने ताजियों का इस्तकबाल किया और श्रद्धापूर्वक सलाम पेश किया। जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक रस्में अदा की गईं।
मोहर्रम के अवसर पर कई स्थानों पर सबील और लंगर का भी आयोजन किया गया। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने राहगीरों व अकीदतमंदों को शरबत, ठंडा पानी और भोजन वितरित कर मानव सेवा का संदेश दिया। हजारों लोगों ने लंगर ग्रहण किया। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोगों की भी सहभागिता देखने को मिली, जिसने आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।
मोहर्रम को लेकर पुलिस प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। जुलूस मार्गों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल के साथ होमगार्ड और अन्य सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने जुलूस के दौरान व्यवस्था का जायजा लिया और लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार मोहर्रम का महीना गम और सब्र का महीना माना जाता है। 10 मोहर्रम, जिसे यौमे आशूरा कहा जाता है, इसी दिन पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन अपने 72 साथियों के साथ कर्बला के मैदान में सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे। उनकी कुर्बानी आज भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष और मानवता की रक्षा का प्रतीक मानी जाती है।
सुल्तानपुर आदमपुर में मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन और सभी समुदायों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। पूरे आयोजन के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे क्षेत्र में अमन, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश मजबूत हुआ।