हरिद्वार ग्रामीण। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम पर आपत्ति दर्ज किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने इस पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र के मतदाताओं के वोटों पर बिना उचित कारण आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं। उन्होंने एक वर्ग विशेष के मतदाताओं को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन और एआरओ से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
विधायक अनुपमा रावत का कहना है कि क्षेत्र में ऐसे मतदाताओं के नाम पर भी आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं, जो अपने गांव में ही निवास कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति की ओर से 10-10 और 11-11 मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। विधायक ने सवाल उठाया कि यदि संबंधित मतदाता अपने गांव में मौजूद हैं तो उनके वोटों पर इस तरह की आपत्तियां किस आधार पर दर्ज की जा रही हैं।

एक वर्ग विशेष को निशाना बनाने का आरोप
अनुपमा रावत ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान एक वर्ग विशेष के मतदाताओं को टारगेट करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी नाम को लेकर वास्तविक आपत्ति है तो उसकी नियमानुसार जांच होनी चाहिए, लेकिन बिना ठोस आधार के किसी पात्र मतदाता के वोट पर आपत्ति दर्ज करना गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया किसी भी राजनीतिक दबाव, भेदभाव या दुर्भावना से प्रभावित नहीं होनी चाहिए। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाने या उसके वोट को प्रभावित करने का प्रयास किया गया तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
जिला प्रशासन और एआरओ को दी जानकारी
विधायक ने बताया कि सोमवार को उन्होंने इस मामले से जिला प्रशासन और एआरओ को अवगत कराया है। उन्होंने अधिकारियों से मतदाताओं के नाम पर दर्ज आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम केवल आपत्ति दर्ज होने के आधार पर प्रभावित न किया जाए, बल्कि संबंधित मतदाता का पक्ष सुनकर तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाए।
मौके पर जांच की मांग
अनुपमा रावत ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, उनकी वास्तविक स्थिति की मौके पर जांच कराई जानी चाहिए। यदि संबंधित मतदाता अपने गांव में रह रहे हैं तो उनकी मौजूदगी और निवास की पुष्टि कर मामले का निस्तारण किया जाए।
विधायक ने प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर दस्तावेजों के साथ संबंधित अधिकारियों से लेकर उच्च स्तर तक इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के अनुसार कराई जाए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का मताधिकार प्रभावित न हो।