हरिद्वार। दूधियाबंद बस्ती के पास जंगल में मिले अज्ञात युवक के शव की पहचान के बाद पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए एक दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, महिला पर परिवार छोड़कर साथ आने का दबाव बनाने और कथित तौर पर धमकी देने से परेशान होकर आरोपियों ने युवक की हत्या की साजिश रची थी। मामले में दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
17 सितंबर की सुबह दूधियाबंद बस्ती के पास जंगल में एक अज्ञात पुरुष का शव मिला था। शव के पास बिजनौर की बस का टिकट मिला था, लेकिन पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं था। पुलिस ने आसपास के थानों और सीमावर्ती जिलों में शव की पहचान के प्रयास किए। 20 सितंबर को हरिद्वार पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान बिजनौर निवासी गोपाल (50) के रूप में की।
मृतक के बेटे आशु कुमार की तहरीर पर नगर कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर सोमवार को मोतीचूर रेलवे स्टेशन से बिजनौर निवासी नरेंद्र (40) और उसकी पत्नी (36) को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सामने आई हत्या की वजह
पुलिस के मुताबिक, नरेंद्र का मेरठ के अस्पताल में इलाज चल रहा था। इसी दौरान गोपाल की नरेंद्र की पत्नी से फोन पर बातचीत शुरू हुई। पुलिस का कहना है कि दोनों के बीच संबंध बन गए थे। गोपाल महिला पर परिवार छोड़कर उसके साथ आने का दबाव बना रहा था। महिला के इनकार करने के बावजूद कथित तौर पर उस पर लगातार दबाव बनाया गया।
पुलिस के अनुसार, महिला ने पूरी बात अपने पति को बताई। इसके बाद नरेंद्र ने अपनी पत्नी, भाई और गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर गोपाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक, एक व्यक्ति को 50 हजार रुपये में साथ देने के लिए तैयार किया गया था।
हरिद्वार बुलाकर की हत्या
पुलिस के अनुसार, योजना के तहत 16 सितंबर को महिला ने गोपाल को हरिद्वार बुलाया। रात में वह उसे गंगा घाट पर लेकर गई। वहां गोपाल के शराब पीने और खाना खाने के बाद सो जाने पर पहले से घात लगाए बैठे नरेंद्र और अन्य आरोपियों ने चापड़ और चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद मृतक का मोबाइल और पर्स गंगा में फेंक दिया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल लोहे का चापड़ बरामद किया है। पुलिस फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
