लक्सर। तहसील सभागार में मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों की समस्याओं को विस्तार से सुना। उपजिलाधिकारी सौरभ असवाल की अध्यक्षता में हुए इस जनसुनवाई कार्यक्रम में कुल 41 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 12 शिकायतों का समाधान अधिकारियों द्वारा मौके पर ही कर दिया गया, जिससे शिकायतकर्ताओं ने राहत की सांस ली।
बिजली–पैमाइश से जुड़ी रहीं सबसे ज्यादा शिकायतें
तहसील दिवस में पहुंची ज्यादातर शिकायतें बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी, मीटर रीडिंग, बिल सुधार, पैमाइश और राजस्व से जुड़े विवादों से संबंधित रहीं। कई ग्रामीणों ने बिजली की ट्रिपिंग और कम वोल्टेज की समस्या भी उठाई। एसडीएम ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में लाइन निरीक्षण कर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
अनुपस्थित विभागीय अधिकारियों पर भड़के एसडीएम
कार्यक्रम के दौरान राजस्व, विद्युत और पंचायत विभाग के कुछ अधिकारी उपस्थित नहीं मिले। इस पर उपजिलाधिकारी सौरभ असवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि तहसील दिवस जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, ऐसे में अधिकारियों की अनुपस्थिति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने बताया कि गैरहाजिर अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया जा रहा है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।
लंबित शिकायतों पर भी होगी त्वरित कार्रवाई
एसडीएम ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि जो शिकायतें मौके पर निस्तारित नहीं हो सकीं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तय समयसीमा में निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि तहसील दिवस का उद्देश्य आमजन को राहत देना है, इसलिए हर शिकायत को गंभीरता से लेकर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जनता को मिली राहत, प्रशासन ने जारी किए दिशा-निर्देश
जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। प्रशासन के त्वरित निस्तारण के रवैये को लोगों ने सराहा।
वहीं तहसील प्रशासन ने विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तहसील दिवस समाप्त होने के बाद अधिकारियों ने स्थल पर मौजूद शिकायतकर्ताओं को यह आश्वासन दिया कि शेष मामलों को निर्धारित समय के भीतर हर हाल में हल किया जाएगा।


