लक्सर तहसील परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया। लोक अदालत के दौरान बैंक से संबंधित 76 तथा न्याय विभाग से जुड़े 46 मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया। परिवहन एवं विद्युत विभाग से संबंधित कोई भी मामला लोक अदालत में प्रस्तुत नहीं हुआ।

राष्ट्रीय लोक अदालत की अध्यक्षता मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) लक्सर ललिता सिंह ने की। सचिव तहसील विधिक सेवा समिति अनुराग त्रिपाठी (सिविल जज जूनियर डिवीजन) ने लोक अदालत की कार्यवाही का संचालन किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार से आए अधिकार मित्र नीरज कुमार, निशांत कुमार एवं निधि ने वादकारियों को आवश्यक विधिक सहायता प्रदान की।

लोक अदालत में बैंक ऋण, मोटर वाहन चालान सहित अन्य न्यायालयीन मामलों का आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण किया गया। विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने भी मौके पर उपस्थित रहकर लंबित मामलों का समाधान कराया।

न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आमजन को सस्ता, सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। लोक अदालत में मामलों के निस्तारण से वादकारियों को राहत मिली और न्यायालयों पर बढ़ते बोझ को कम करने में मदद मिली। अधिकारियों ने भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों को निरंतर जारी रखने की बात कही।


