लक्सर। लक्सर तहसील परिसर में आयोजित तहसील दिवस के दौरान सरकारी भूमि, खेतों के रास्तों और नालों पर हो रहे अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आया। मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र की मौजूदगी में आयोजित तहसील दिवस में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

तहसील दिवस में कुल 65 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 32 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सीडीओ के अनुसार अधिकांश शिकायतें भूमि पैमाइश, नालों पर अतिक्रमण, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा और अवैध खनन से जुड़ी हुई थीं।

सीडीओ ने सभी लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी लेखपाल के क्षेत्र में अवैध कब्जा पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ वेतन रोकने की कार्रवाई भी की जाएगी। सीडीओ की इस सख्ती से राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया।

तहसील दिवस में जिला पंचायत अधिकारी की अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही मानते हुए सीडीओ ने अपर जिलाधिकारी को उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। वहीं निरीक्षण के दौरान लक्सर क्षेत्र में साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक मिलने पर अधिशासी अधिकारी लक्सर को कड़ी फटकार लगाई गई और एसडीएम लक्सर को उनके वेतन रोकने के आदेश दिए गए।

तहसील दिवस के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब एक फरियादी ने अधिकारियों के बीच लक्सर ब्लॉक प्रमुख की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। फरियादी का कहना था कि तहसील दिवस में केवल विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी होनी चाहिए, ताकि आमजन बिना किसी दबाव के अपनी समस्याएं रख सकें।

सीडीओ ललित नारायण मिश्र के सख्त और अनुशासनात्मक रुख से यह साफ संकेत मिला है कि आने वाले दिनों में अवैध कब्जाधारियों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी प्रशासन का शिकंजा और कसेगा।


