लालढांग में पुल और सिडकुल की स्थापना से लेकर कुंभ क्षेत्र घोषित करने की मांग, टिहरी बांध विस्थापितों व वन गुर्जरों को मालिकाना हक देने की उठाई आवाज
हरिद्वार। हरिद्वार में 12 अक्टूबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक से पहले हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनुपमा रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर क्षेत्र के विकास से जुड़ी पांच प्रमुख मांगें उठाई हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से इन मांगों पर कैबिनेट बैठक में विचार कर स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है।
विधायक अनुपमा रावत ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि विधानसभा क्षेत्र की जनप्रतिनिधि होने के नाते वह क्षेत्र की प्रमुख विकास संबंधी आवश्यकताओं को सरकार के सामने रख रही हैं। उन्होंने लालढांग क्षेत्र में वासन नदी पर रसूलपुर आर्यनगर से गांधी चौक की ओर पुल निर्माण की तत्काल स्वीकृति देने और शासनादेश (जीओ) जारी करने की मांग की है।

इसके साथ ही उन्होंने संपूर्ण हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र को कुंभ क्षेत्र घोषित करने तथा लालढांग क्षेत्र में सिडकुल की स्थापना को मंजूरी देने की मांग उठाई है। विधायक ने टिहरी बांध विस्थापितों को मालिकाना अधिकार देने और वन गुर्जरों को भी मालिकाना हक प्रदान करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी है।
2022 से लगातार उठा रही हैं मांगें

अनुपमा रावत ने पत्र में उल्लेख किया कि वर्ष 2022 में विधायक निर्वाचित होने के बाद से वह विभिन्न माध्यमों से इन मांगों को उठाती रही हैं। इसके लिए विधानसभा सत्रों में मुद्दे रखने, पत्राचार करने और व्यक्तिगत रूप से भी प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन मांगों से संबंधित पत्र पहले भी मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे जा चुके हैं।
कैबिनेट बैठक से क्षेत्रवासियों को उम्मीद
विधायक ने उम्मीद जताई कि हरिद्वार में होने वाली कैबिनेट बैठक में उनकी विधानसभा क्षेत्र की इन प्रमुख मांगों पर विचार कर उन्हें स्वीकृति प्रदान की जाएगी। अब देखना होगा कि प्रदेश सरकार इन मांगों पर क्या निर्णय लेती है। लालढांग में पुल और औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के साथ ही विस्थापितों एवं वन गुर्जरों के अधिकारों से जुड़े इन मुद्दों पर क्षेत्रवासियों की निगाहें सरकार के रुख पर रहेंगी।


