लक्सर। हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत के नेतृत्व में 30 नवंबर को प्रस्तावित किसान सम्मान यात्रा से पहले ही राज्य सरकार ने देर रात गन्ना मूल्य घोषित कर दिया। इस बार सरकार ने गन्ना मूल्य 405 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि कांग्रेस और किसान संगठन लगातार 500 रुपये प्रति क्विंटल की मांग पर अड़े हुए हैं। सरकार की अचानक की गई घोषणा के बाद कांग्रेस ने अपनी किसान सम्मान यात्रा फिलहाल स्थगित कर दी है।

गन्ना मूल्य पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विधायक अनुपमा रावत ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा,
“किसानों के गन्ने का मूल्य कम से कम 500 रुपये होना चाहिए। सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति सजग नहीं है। किसान सम्मान यात्रा की घोषणा और किसानों की एकजुटता के दबाव में ही सरकार ने आनन-फानन में फैसला लिया है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियाँ किसान विरोधी हैं और लागत बढ़ने के बावजूद भी किसानों को लाभकारी मूल्य नहीं दिया जा रहा है।

गन्ना मूल्य की त्वरित घोषणा के बाद हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के किसान विधायक अनुपमा रावत से मिलने पहुंचे। किसानों ने उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पिछले कई महीनों से उचित मूल्य की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार सुनवाई नहीं कर रही थी।
किसानों का कहना है कि विधायक अनुपमा रावत द्वारा लगातार गन्ना मूल्य का मुद्दा उठाने और किसान सम्मान यात्रा की तैयारी ने सरकार को फैसला लेने पर मजबूर कर दिया।

किसानों ने कहा कि वे आगे भी विधायक के नेतृत्व में अपनी मांगों को मजबूती से उठाते रहेंगे और न्यायसंगत मूल्य की लड़ाई जारी रखेंगे।
इस दौरान मुशर्रफ अंसारी, मुस्तफा अंसारी, खेम चंद चौधरी, धर्मेंद्र चौहान, हाजी कालू, पंकज चौधरी, यामीन कसाना, गौरव पाल, सचिन प्रधान कटारपुर, डॉ. नूर अली, राकीब अली समेत कई किसान मौजूद रहे।


